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कानपुर : IBPS परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: PWD अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने वाला गिरोह पकड़ा गया कानपुर में STF की बड़ी कार्रवाई

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IBPS परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: PWD अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाने वाला गिरोह पकड़ा गयाकानपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, 4 गिरफ्तार; फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र और कूटरचित दस्तावेज बरामदकानपुर | 23 अगस्त 2026आईबीपीएस द्वारा आयोजित PO/MT भर्ती परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश STF ने कानपुर नगर में कार्रवाई करते हुए PWD श्रेणी के अभ्यर्थियों की जगह नियम विरुद्ध तरीके से स्क्राइबर/सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।STF के मुताबिक, गिरोह फर्जी या कूटरचित दिव्यांगता (PwD) प्रमाणपत्र के आधार पर अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने और बेरोजगार युवाओं से पैसे ऐंठने का काम करता था।परीक्षा केंद्र से चार आरोपी गिरफ्तारSTF ने 23 अगस्त को कानपुर के ION Digital Zone, भैला मऊ परीक्षा केंद्र, सचेंडी क्षेत्र में कार्रवाई की। पूछताछ और प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवनीश यादव (कानपुर), आशीष कुमार (मधुबनी, बिहार), राहुल कुमार सिन्हा (शेखपुरा, बिहार) और अंकित सचान (कानपुर) के रूप में हुई है।मोबाइल से फर्जी दस्तावेज तक बरामदSTF ने आरोपियों के पास से—* 5 मोबाइल फोन* 4 आधार कार्ड* 1 आई-पैड* 3 पैन कार्ड* ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट* 2 बैंक ATM कार्ड* फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज* ₹2,750 नकद* वैगनआर कारबरामद की है।ऐसे काम करता था गिरोहपूछताछ में STF के अनुसार गिरोह के सदस्यों ने बताया कि उनका नेटवर्क प्रतियोगी परीक्षाओं में PWD श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए पेशेवर सॉल्वर/स्क्राइबर उपलब्ध कराता था। आरोप है कि ये लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह या उनके लिए प्रश्नपत्र हल कराने की व्यवस्था करते थे।STF के मुताबिक गिरोह के सरगना के रूप में मनीष कुमार मिश्रा और राजू गुप्ता के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और परीक्षा में अनधिकृत तरीके से शामिल हुए अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है।कई परीक्षाओं में नेटवर्क सक्रिय होने का शकजांच एजेंसी को आशंका है कि गिरोह केवल IBPS परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य सरकारी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर सकता है। STF नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच कर रही है।चारों आरोपियों के खिलाफ थाना सचेंडी, कमिश्नरेट कानपुर नगर में BNS की संबंधित धाराओं तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।

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