रांची : JPSC-JSSC विवाद: 16 दिन से आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच वार्ता, 98% मुद्दों पर बनी सहमतिरांची : JPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 16 दिनों से आंदोलनरत छात्रों और सरकार द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल के बीच रविवार को दिनभर वार्ता का दौर चला। लंबी बातचीत के बाद सरकार की ओर से प्रतिनिधिमंडल में शामिल मंत्री सुदीव्य कुमार ने दावा किया कि छात्रों और सरकार के बीच करीब 98 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बन गई है, जबकि दो प्रतिशत मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।मंत्री सुदीव्य कुमार ने बताया कि सरकार 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा (PT) रद्द करने पर सहमत हो गई है। इसके अलावा JPSC 2023 और 2025 के बैकलॉग की परीक्षाओं को भी रद्द करने पर सहमति बनी है।उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पैसे के लेनदेन के आरोप हैं। ऐसे मामलों की जांच ED से कराने पर सहमति बनी है, जबकि आपराधिक मामलों की जांच CID के माध्यम से जारी रहेगी।सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की दिशा में कदम उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा जाएगा।परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित कर परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार की दिशा में आगे बढ़ेगी।वहीं JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार ने सहमति नहीं जताई। मंत्री ने कहा कि JSSC CGL परीक्षा न्यायालय के आदेश के आधार पर आयोजित हुई है, इसलिए इसे रद्द नहीं किया जाएगा।एजेंसी की सभी परीक्षाएं रद्द करने की मांग पर अड़े छात्रइधर छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद उनका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी TDPL पर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं। छात्रों की मांग है कि एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए।इस मांग पर फिलहाल सरकार की ओर से सहमति नहीं बनी है। यही मुद्दा दोनों पक्षों के बीच असहमति के प्रमुख बिंदुओं में शामिल है।
रांची : JPSC-JSSC विवाद: 16 दिन से आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच वार्ता, 98% मुद्दों पर बनी सहमति












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