UPSSSC परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल का खेल! ₹10 लाख देकर डिवाइस लगाकर पहुंचा अभ्यर्थी, STF ने दबोचालखनऊ में परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया परीक्षार्थी, अंडरवियर में छिपाकर लाया था सिम-बेस्ड ब्लूटूथ डिवाइसलखनऊ | 23 अगस्त 2026उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (स्नातक स्तरीय) मुख्य परीक्षा में नकल कराने की कोशिश का STF ने खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश STF ने लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र से सिम-बेस्ड ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने की कथित कोशिश कर रहे एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान बृजेश कुमार यादव, निवासी जौनपुर और वर्तमान निवासी प्रयागराज, के रूप में हुई है।अंडरवियर में छिपाकर लाया था डिवाइसSTF के मुताबिक, सूचना मिली थी कि दयानंद कन्या इंटर कॉलेज, सेक्टर-सी, महानगर, लखनऊ में एक परीक्षार्थी ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने की तैयारी में है।सूचना पर STF टीम ने स्थानीय पुलिस और परीक्षा केंद्र प्रबंधन के सहयोग से कार्रवाई करते हुए सुबह करीब 11:15 बजे बृजेश कुमार यादव को पकड़ लिया।तलाशी के दौरान उसके पास से:🔹 सिम-बेस्ड ब्लूटूथ डिवाइस और संबंधित उपकरण🔹 मोबाइल फोन🔹 प्रवेश पत्र🔹 आधार कार्ड🔹 OMR शीट🔹 मूल प्रश्नपत्रबरामद किए गए।₹10 लाख एडवांस देने का दावापूछताछ में आरोपी ने STF को बताया कि उसे कथित तौर पर रमेश चंद्र पटेल ने ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराई थी। आरोपी के अनुसार, परीक्षा में पूछे गए सवालों के जवाब इसी डिवाइस के जरिए उसे बताए जाने थे।STF के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि उसने इस काम के लिए रमेश चंद्र पटेल को ₹10 लाख एडवांस दिए थे।आरोपी ने यह भी बताया कि डिवाइस को छिपाने के लिए उसे विशेष रूप से तैयार की गई जेब वाली बनियान दी गई थी और वह डिवाइस को अंडरवियर में छिपाकर परीक्षा केंद्र पहुंचा था।पूछताछ में दूसरे परीक्षाओं का भी दावाSTF के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि रमेश चंद्र पटेल पहले भी अन्य परीक्षाओं में पैसे लेकर इसी तरह नकल कराने में शामिल रहा है। पुलिस अब इस दावे की जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।BNS समेत परीक्षा अधिनियम में मुकदमा दर्जगिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना महानगर, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया गया है। STF के प्रेस नोट के अनुसार मुकदमा धारा 61, 318 BNS और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 11 के तहत दर्ज किया गया है।STF की कार्रवाई के बाद अब स्थानीय पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।परीक्षा में पारदर्शिता और नकल पर रोक के लिए STF की कार्रवाई—अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा सॉल्वर या नकल कराने वाला नेटवर्क सक्रिय है।
UPPSSC परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल का खेल! ₹10 लाख देकर डिवाइस लगाकर पहुंचा अभ्यर्थी, STF ने दबोचा














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