पूर्णिया सांसद ने कहा– खटाल गरीबों की लाइफलाइन, किसी भी कीमत पर उजाड़ने नहीं देंगे; मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हुई है बात, सभी दलों से समर्थन की अपील
धनबाद: पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बुधवार को धनबाद पहुंचे और बारामुड़ी खटाल बचाने की लड़ाई में उतरने का ऐलान किया। खटाल हटाने की जिला प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर वहां रहने वाले लोगों को उनके आशियाने से बेदखल नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो वह धनबाद से रांची तक पैदल मार्च करेंगे। उन्होंने इस लड़ाई को आर-पार की लड़ाई बताते हुए कहा कि खटाल गरीबों की लाइफलाइन और उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। इसे उजाड़ना गरीबों के भविष्य और उनकी उम्मीदों पर हमला करने जैसा है।
बारामुड़ी खटाल के समर्थन में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि खटाल का मामला केवल यादव समाज का नहीं है। वहां आदिवासी, अनुसूचित जाति, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और अन्य गरीब परिवार भी रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों पहले सरकारी नीति के तहत बसाए गए लोगों को अब हटाया जा रहा है, तो वे आखिर कहां जाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि खटाल की जमीन पर माफियाओं की नजर है और गरीबों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है।
सांसद ने कहा कि इस मामले को उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में डाला है और उनसे बातचीत भी हुई है। मुख्यमंत्री ने मामले में पहल करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में उनकी सरकार है और सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने सांसद ढुल्लू महतो और विधायक जयराम महतो समेत सभी जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावित परिवारों के समर्थन में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां भी खटाल बचाने के लिए आंदोलन होगा, वह वहां के लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड को उसकी खनिज संपदा और रॉयल्टी का उचित अधिकार नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नजर झारखंड की जमीन और संसाधनों पर है। साथ ही कहा कि शिबू सोरेन की पहल से पहले भी खटाल से जुड़े लोगों को न्याय मिला था। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान सांसद ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। मुख्यमंत्री की गरिमा बनाए रखने की नसीहत देते हुए उन्होंने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला।
वहीं, बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने उन्हें भाजपा का प्रायोजित प्रोडक्ट बताया। उन्होंने देश में बाबाओं के लिए भी आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि जब जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य पेशेवरों के लिए नियम और जवाबदेही तय हैं, तो धार्मिक मंचों से हजारों लोगों को प्रभावित करने वाले बाबाओं के लिए भी आचार संहिता होनी चाहिए।
पप्पू यादव ने अंत में कहा कि बिहार उनकी मां है तो झारखंड उनकी मौसी है। झारखंड उनकी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है और यहां के लोगों के साथ किसी तरह का अन्याय होने पर वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारामुड़ी खटाल को बचाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।











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