𝗧𝗩 𝟯𝟳

𝗧𝗛𝗘 𝗙𝗢𝗨𝗥𝗧𝗛 𝗣𝗜𝗟𝗟𝗔𝗥 𝗢𝗙 𝗗𝗘𝗠𝗢𝗖𝗥𝗔𝗖𝗬

निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन, कई अफसरों पर गिरी गाज!

Spread the love

निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन, कई अफसरों पर गिरी गाज!कई अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश, वेतन रोकने से लेकर निलंबन की संस्तुति तकवाराणसी | 18 अगस्त 2026वाराणसी में विकास एवं निर्माण परियोजनाओं में लापरवाही और अनावश्यक देरी को लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कई अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी गतिमान परियोजनाओं को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक पर कार्रवाईनिर्माण कार्यों में लापरवाही के मामले में राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, भदोही के परियोजना प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ विभागीय कार्रवाई और निलंबन के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।जल निगम के अधिकारी भी कार्रवाई के घेरे मेंउत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के संबंधित अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। वहीं मुख्य अभियंता जल निगम से स्पष्टीकरण तलब करते हुए विभागीय कार्रवाई के लिए भी लिखा गया।CM ग्रिड योजना में भी जवाबदेही तयCM ग्रिड योजना के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही चीफ इंजीनियर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।PM ग्राम सड़क योजना और PWD पर भी सख्तीप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दो सहायक अभियंताओं का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता और अवर अभियंता से स्पष्टीकरण मांगते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई।इसके अलावा नलकूप खंड-प्रथम के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया।परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देशसमीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में भूमि, बजट, बिजली, विभागीय समन्वय या अन्य कारणों से काम प्रभावित है, उसका तत्काल समाधान कराया जाए।उन्होंने प्रत्येक परियोजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति की नियमित निगरानी करने तथा प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं को शीघ्र संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर आम जनता के उपयोग में लाने को भी कहा।जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि निर्माण परियोजनाएं सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता को निर्धारित समय पर परियोजनाओं का लाभ मिले और सरकारी धन का सदुपयोग हो।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।डीएम का सख्त संदेश—काम में देरी नहीं चलेगी, विकास परियोजनाओं में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय होगी!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *