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धनबाद : संस्कृत दिवस एवं रक्षाबंधन पर पूर्व सैनिकों को बच्चों ने बांधी राखी

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संस्कृत दिवस एवं रक्षाबंधन पर पूर्व सैनिकों को बच्चों ने बांधी राखीधनबाद। बरवाअड्डा स्थित सिंबोसिस किड्स स्कूल में बुधवार को संस्कृत दिवस एवं रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों को राखी बांधकर तथा आरती उतारकर रक्षाबंधन मनाया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्य एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर पूर्व सैनिक, विद्यालय की प्राचार्या रीना मंडल एवं निदेशक आशीष मंडल ने किया। इस अवसर पर पूर्व सैनिक रामनाथ मिश्रा, राज किशोर सिंह, चंद्रशेखर सिंह, अवधेश कुमार द्विवेदी एवं अनिल कुमार मौजूद रहे।विद्यालय के विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में कविता, भाषण, स्वागत नृत्य तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने ‘रक्षा का सूत्र—देश के वीर’ नामक देशभक्ति नाटक का मंचन कर सैनिकों के त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा को दर्शाया। विद्यालय के निदेशक आशीष मंडल ने देश के सैनिकों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति, संस्कृत भाषा, रक्षाबंधन और भारतीय संस्कृति के महत्व के बारे में बताया।रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने पूर्व सैनिकों को राखी बांधी और उनकी आरती उतारी। इस अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संरक्षक रामनाथ मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा और सेवा में सैनिकों की भूमिका एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान की भावना रखने का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय फोटो प्रतियोगिता में धनबाद का नाम रोशन करने वाले फोटोग्राफरों को भी सम्मानित किया गया। नेचर श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले धनबाद के फोटो पत्रकार चंदन पाल तथा फेस्टिवल फोटो कांटेस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सुभाजित कुशल को विद्यालय परिवार की ओर से मोमेंटो एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया।प्राचार्य रीना मंडल ने कहा कि संस्कृत दिवस और रक्षाबंधन जैसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा, भाईचारे और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन बच्चों, शिक्षकों, पूर्व सैनिकों एवं विद्यालय परिवार की सामूहिक सहभागिता के साथ हुआ।

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