छाताबाद में भू-धंसान पर कोयला भवन में वार्ता विफलछाताबाद कैलूडीह जीटीएस डेको आउटसोर्सिंग गेट के सामने धरना जारीधनबाद कतरास। छाताबाद में 7 अगस्त को हुए भू-धंसान की घटना को लेकर कोयला भवन में हुई वार्ता विफलभू गई। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एवं बेरमो विधायक कुमार जय मंगल पूर्व विधायक जलेश्वर महतो, अनुपमा सिंह, मजदूर नेता एके झा वार्ड नंबर 2 के पार्षद मो शहाबुद्दीन तथा छाताबाद के ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता विफल की गई थी। वार्ता विफल होने के बाद छाता बाद कैलूडीह स्थित जीपीएस डेको आउटसोर्सिंग गेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना जारी है।आंदोलन कर रहे लोगों ने बताया कि कोयला भवन में प्रबंधक तथा ग्रामीणों के बीच हुईवार्ता पर कुछ बातों पर सहमति बनी तथा कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बनने के कारण वार्ता विफल हो गई। बीसीसीएल प्रबंधनने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया था कि गैर रैयतों को 2.5 लाख रुपया तथा दो-दो फ्लैट दिया जाएगा जबकि रैयत्तों को उनके जमीन के बदले चार गुना दाम दिया जाएगा। वार्ड नंबर 2 के पार्षद मो शाहबुद्दीन ने बताया कि लगभग 8 घंटे लंबे वार्ता के बाद कुछ बातों पर बीसीसीएल प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। जबकि कुछबातों पर सहमति नहीं बनने के कारण वार्ता विफल हो गई। उन्होंने बताया कि छाता बाद के जिन ग्रामीणों का मकान भू-धंसान में समाप्त हो गया उनके लिए बीसीसीएल प्रबंधन से 20-20 लाख रुपया मुआवजे की डिमांड है, जिस पर बात नहीं बन सकी। बीसीसीएल प्रबंधन बरोरा के पास एक हजार क्वार्टर है। जहां छाता बाद के लोगों को बसाना चाहती है। छाता बाद के आसपास बसाने की मांग को खारिज कर दिया। सीएमडी ने कहा वहां काफी वक्त
धनबाद : छाताबाद में भू-धंसान पर कोयला भवन में वार्ता विफल












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