सरैयाहाट थाना प्रभारी लाइन हाजिर एफआईआर दर्ज करने में 9 दिन की देरी बनी थाना प्रभारी पर कार्रवाई का मुख्य आधार• सरैयाहाट थाना क्षेत्र में 21 जुलाई को हुई गंभीर घटना के बाद मृतक का शव झाड़ियों से बरामद किया गया था।• घटना के संबंध में 22 जुलाई को सरैयाहाट थाना में लिखित शिकायत दी गई थी।• इसके बावजूद प्राथमिकी 30 जुलाई को दर्ज किए जाने का मामला सामने आया।• यानी घटना के 9 दिन और लिखित शिकायत मिलने के 8 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई।• जांच में कांड पंजीकरण से जुड़े अभिलेख में तारीख 30.07.2026 को दो जगह ओवरराइटिंग कर अंकित किए जाने की बात भी सामने आई।• एफआईआर दर्ज करने में देरी और अभिलेख में तारीख को लेकर उत्पन्न संदेह को गंभीरता से लिया गया।• आदेश में इसे थाना प्रभारी की लापरवाही एवं मनमानेपन का मामला बताया गया।• गंभीर आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी से अनुसंधान और साक्ष्य संकलन प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिससे आरोपियों को संभावित लाभ मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।• इसी मामले में सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई और उन्हें लाइन हाजिर किया गया।• हालांकि, विभागीय कार्रवाई शुरू होना अंतिम रूप से दोष सिद्ध होना नहीं है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अंतिम निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई तय होगी।
दुमका : सरैयाहाट थाना प्रभारी लाइन हाजिर एफआईआर दर्ज करने में 9 दिन की देरी बनी थाना प्रभारी पर कार्रवाई का मुख्य आधार












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