सीवर-पेयजल परियोजना पर अब तीसरी आंख की नजर, हर साइट पर लगेंगे CCTV कैमरेवाराणसी। शहर के 22 प्रभावित वार्डों में सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के महाअभियान को लेकर नगर निगम ने निगरानी और जवाबदेही का नया सिस्टम तैयार किया है। अब सभी प्रमुख कार्यस्थलों पर CCTV कैमरों के जरिए निर्माण कार्य की निगरानी की जाएगी। साइटों पर लगे कैमरों को स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम और नगर निगम मुख्यालय से लिंक किए जाने की व्यवस्था की जा रही है।सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।कैमरे बताएंगे साइट पर क्या हो रहा हैमहापौर ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर सीवर और पेयजल पाइपलाइन का काम चलेगा, वहां CCTV कैमरे लगाए जाएं। इन कैमरों के जरिए अधिकारियों को निर्माण कार्य की प्रगति और मौके की स्थिति पर सीधे नजर रखने में मदद मिलेगी।जल निगम को मेन लाइन और ब्रांच लाइन के कार्यों का पूरा विवरण, प्रतिदिन का लक्ष्य और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।₹2,161 करोड़ की महापरियोजनानगर निगम के अनुसार करीब ₹2,161 करोड़ की इस परियोजना के तहत शहर के प्रभावित इलाकों में—🔹 353.13 किलोमीटर सीवर लाइन🔹 651.64 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइनबिछाई जानी है।नगर निगम का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद शहर के प्रभावित क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो और जलजमाव की समस्या से लंबे समय तक राहत मिलने की उम्मीद है।चार वार्डों में 16 सितंबर से कामजिन चार वार्डों में भूमि पूजन हो चुका है, वहां 16 सितंबर से सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।इनमें शामिल हैं—* जंगमवाड़ी* शिवाला* नगवा* बंगाली टोलामहापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में काम हर हाल में निर्धारित समय से शुरू किया जाए।अगले चरण के भूमि पूजन की तारीख तयनगर निगम ने अगले चरण के कार्यों के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम भी तय कर दिया है—20 सितंबर — सरायनंदन एवं बिरदोपुर वार्ड21 सितंबर — भेलूपुर एवं दुर्गाकुंड वार्ड22 सितंबर — नारियां एवं जोल्हा उत्तरी वार्ड“आज की परेशानी, आने वाले वर्षों का समाधान”बैठक में महापौर ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान नागरिकों को कुछ समय के लिए असुविधा हो सकती है, लेकिन यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बेहतर सीवर और पेयजल व्यवस्था का आधार बनेगी।नगर निगम का फोकस अब काम की गुणवत्ता, समयबद्धता और साइट की निगरानी पर है। CCTV निगरानी लागू होने के बाद निर्माण स्थलों पर होने वाले कार्यों की जवाबदेही भी बढ़ने की उम्मीद है।बैठक में ये रहे मौजूदबैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, पार्षद मदन मोहन तिवारी, विजय द्विवेदी, अतुल पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, ओपी सिंह तथा जल निगम के अधिशासी अभियंता कमल सिंह और बृजेश मौर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।काशी की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें अमृत प्रभात के साथ।
सीवर-पेयजल परियोजना पर अब तीसरी आंख की नजर, हर साइट पर लगेंगे CCTV कैमरे














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