📍 कानपुर | उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े मामले की जांच अब कानपुर तक पहुंच गई है। जौनपुर में अंतरराज्यीय गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कानपुर के गन हाउस से हथियार और कारतूस खरीदे जाने की जानकारी सामने आने से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, जौनपुर पुलिस ने एक अभियान के दौरान बदलापुर स्थित कुरांवां नहर पुलिया के पास अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।
🔴 गिरफ्तारी में क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से बरामद सामान में शामिल हैं—
▪️ दो 12 बोर बंदूकें
▪️ 210 कारतूस
▪️ एक .22 बोर राइफल
▪️ प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल
▪️ एक .45 बोर ग्लॉक पिस्टल
▪️ 10 अन्य कारतूस
▪️ 7.58 लाख रुपये नकद
▪️ 11 मोबाइल फोन
🔴 पूछताछ में सामने आया कानपुर कनेक्शन
जौनपुर पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद हथियारों और कारतूसों का कुछ हिस्सा कानपुर के मूलगंज स्थित हैरिस गन हाउस से खरीदा गया था। इसके बाद जौनपुर पुलिस शनिवार को कानपुर पहुंची और गन हाउस संचालक अब्बास अली को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही है।
🔴 68 गन हाउस की जांच से मचा हड़कंप
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. विपिन टाडा के निर्देश पर कानपुर में गन हाउस की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं।
शनिवार को पुलिस टीमों ने शहर के कुल 68 गन हाउस की जांच की। इनमें ज्यादातर गन हाउस बंद मिले। इसके अलावा मूलगंज स्थित हैरिस और चौधरी गन हाउस पहुंचकर असलहों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त से जुड़े रजिस्टर खंगाले गए। वहां मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
🔴 कई राज्यों तक फैले गैंग के तार
जौनपुर पुलिस के अनुसार, इस अंतरराज्यीय गैंग के तार उत्तर प्रदेश के कानपुर के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली तक जुड़े मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल गन हाउस के रिकॉर्ड, लाइसेंस और हथियारों की खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
⚠️ सबसे बड़ा सवाल: क्या कानपुर के गन हाउस के जरिए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का कोई बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा था? 68 गन हाउस की जांच में आगे क्या खुलासे होंगे?
इस मामले में पुलिस की जांच पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
📢 आपकी राय: क्या शहर के सभी गन हाउस के रिकॉर्ड और लाइसेंस की नियमित जांच होनी चाहिए? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताएं।














Leave a Reply