वाराणसी में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, 58 गैंग का पर्दाफाश और 277 गिरफ्तारवाराणसी। साइबर अपराध के लगातार बदलते तौर-तरीकों को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी साइबर पुलिसिंग को और तेज करने की रणनीति बनाई है। 21 सितंबर को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कैम्प कार्यालय में साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान उन्होंने तकनीकी संसाधनों, साइबर इंटेलिजेंस और त्वरित कार्रवाई के जरिए साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।पुलिस के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में वाराणसी में साइबर अपराध के खिलाफ कई स्तरों पर कार्रवाई की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। म्यूल अकाउंट से फर्जी सिम तक, नेटवर्क पर नजरपुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि साइबर ठगी की रकम निकालने वालों, म्यूल अकाउंट खुलवाने और संचालित करने वालों, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों, फर्जी कॉल सेंटर संचालकों तथा एटीएम के जरिए ठगी की रकम निकालने वालों को चिन्हित कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए।साथ ही सभी जोन के साइबर प्रभारी हर 15 दिन में साइबर अपराध से जुड़ी कार्रवाई और लंबित मामलों की समीक्षा करेंगे।एक साल में पुलिस की प्रमुख उपलब्धियां🔹 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश🔹 277 साइबर अपराधी गिरफ्तार🔹 डिजिटल अरेस्ट के 5 मामलों में 36 गिरफ्तार🔹 डिजिटल अरेस्ट मामलों में करीब ₹1.20 करोड़ की धनराशि व डिजिटल उपकरण बरामद🔹 15 अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़🔹 कॉल सेंटर मामलों में 175 गिरफ्तार🔹 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण🔹 करीब ₹25 करोड़ की ठगी की रकम होल्ड🔹 कानूनी प्रक्रिया के बाद ₹4.5 करोड़ पीड़ितों को वापस🔹 10,176 मोबाइल नंबर ब्लॉक🔹 8,262 IMEI नंबर ब्लॉक🔹 21 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई🔹 साइबर अपराध के जाल में फंसे 550 लोगों का रेस्क्यू🔹 साइबर अपराध में प्रयुक्त 17 चार पहिया वाहन बरामद🔹 25 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।पुलिसिंग में बदलाव पर जोरपुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि साइबर अपराध का स्वरूप लगातार बदल रहा है, इसलिए पुलिसिंग में भी समय के अनुरूप बदलाव जरूरी है। उन्होंने शिकायतों के पंजीकरण, लंबित मामलों की प्रभावी जांच, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया।पुलिस की ओर से नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के मामलों में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने और NCRP पर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह भी दी गई है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूदबैठक में पुलिस उपायुक्त नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र, सभी जोन के साइबर प्रभारी तथा थानों के साइबर नोडल अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
वाराणसी में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन प्लान, 58 गैंग का पर्दाफाश और 277 गिरफ्तार















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