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कानपुर नकली सीमेंट कांड में पुलिस कमिश्नर सख्त, पनकी इंस्पेक्टर को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश!📍 स्थान: इस्पातनगर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेशकानपुर के इस्पातनगर में नकली सीमेंट बनाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीमेंट की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें नकली सीमेंट बनाने और उसे बाजार में खपाने का मामला सामने आया।🧱 1000 बोरी नकली सीमेंट बरामदजानकारी के मुताबिक, अडाणी ग्रुप की इंटेलिजेंस टीम को शिकायतें मिली थीं कि गुप्ता बंधुओं की ओर से लखनऊ एयरपोर्ट के निर्माण कार्य के लिए भेजी जा रही सीमेंट की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद टीम ने करीब 15 दिनों तक निगरानी की और पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान नकली सीमेंट की 1000 बोरियां बरामद होने की जानकारी सामने आई।🔴 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देशरिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में डिस्ट्रीब्यूटर का काम करने वाले नीरज और धीरज गुप्ता तथा उनके मेरठ निवासी दो साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने सख्ती दिखाई है। पनकी इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच हो सकती है।⚠️ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवालसीमेंट किसी भी इमारत की मजबूती का अहम आधार होती है। ऐसे में नकली या मानकों के अनुरूप नहीं होने वाली सीमेंट की आपूर्ति के आरोप निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि, इस मामले में सीमेंट की गुणवत्ता और आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।📢 अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच से जुड़े अगले घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।💬 आपकी राय: नकली निर्माण सामग्री के कारोबार पर रोक लगाने के लिए क्या सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? कमेंट में बताएं।














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