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वाराणसी : डिजिटल लूट का नेटवर्क बेनकाब! तीन ठिकानों पर चल रहा SIM Box रैकेट ध्वस्त,

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“डिजिटल लूट का नेटवर्क बेनकाब! तीन ठिकानों पर चल रहा SIM Box रैकेट ध्वस्त, 25 लाख की ठगी से जुड़े तार”वाराणसी में साइबर ठगों के नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा प्रहार, 6 SIM Box बरामद; दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरारवाराणसी, 15 अक्टूबर। डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे SIM Box नेटवर्क का वाराणसी पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में साइबर क्राइम सेल, प्रतिसार टीम और थाना चितईपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 14 अक्टूबर को शहर के तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर छह SIM Box सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कथित मास्टरमाइंड सौगात अस्थाना फरार है।तीन इलाकों में चल रहा था नेटवर्कपुलिस के मुताबिक, छापेमारी अशोकपुरम एकता नगर (शिवपुर), बालाजी भवन सामनेघाट (लंका) और कैलाशपुरी कॉलोनी (चितईपुर) स्थित किराए के मकानों में की गई। यहां से छह SIM Box बरामद हुए, जिनमें कुल 192 सिम स्लॉट बताए गए हैं। इसके अलावा राउटर, VPN गेटवे और नेटवर्क संचालन में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाशपुलिस ने मोहम्मद आबिद (40), निवासी सराय हरहा, चौक और शशि शेखर सिंह (24), निवासी नवापुरा, दारानगर को गिरफ्तार किया है। वहीं, लखनऊ निवासी सौगात अस्थाना को इस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बताया गया है। वह फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।25 लाख की साइबर ठगी से जुड़े तारडीसीपी साइबर नीतू कादयान के अनुसार, प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक म्यूल बैंक खाते का पता चला। जांच में इस खाते से देशभर की 41 साइबर शिकायतें जुड़ी मिलीं। इनमें पुणे की एक महिला से कथित डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगे गए 25 लाख रुपये भी शामिल बताए गए हैं।SIM Box से ऐसे होती थी ठगीपुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी SIM-Over-IP तकनीक का इस्तेमाल कर विदेश से आने वाली कॉल को भारतीय स्थानीय मोबाइल नंबरों के जरिए दिखाते थे। इस तरीके से कॉल करने वालों की वास्तविक पहचान और विदेशी कनेक्शन छिपाने में मदद मिल सकती है। ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों को पुलिस, जांच एजेंसियों या सरकारी अधिकारियों के नाम पर डराकर ठगने के लिए कर सकते हैं।BNS और IT Act के तहत मुकदमा दर्जइस मामले में थाना चितईपुर में मुकदमा संख्या 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तकनीकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। जांच में सामने आने वाले अन्य कनेक्शनों और आरोपियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।#Varanasi #VaranasiPolice #CyberCrime #SIMBox #DigitalArrest #CyberFraud #UPPolice #CyberSecurity #CrimeNews #Kashi #BanarasNews #UttarPradesh #साइबरअपराध #डिजिटलअरेस्ट #वाराणसीसमाचार

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